रहमानखेड़ा में सीआईएसएच के बेहता नाला किनारे वाले जंगल में बृहस्पतिवार को वन विभाग टीम काॅम्बिंग कर रही थी तभी वहीं टीम के सामने से बाघ निकल गया लेकिन उसे ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका। बाघ अब तक 14 शिकार कर चुका है। हथिनी डायना व सुलोचना कॉम्बिंग कर रही है लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। आसपास के गांवों के लोगों को बाघ की गुर्राहट सुनाई पड़ती है लेकिन टीम को नहीं सुनाई पड़ती। डीएफओ और अपर मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल रेनू सिंह भी जायजा लेने संस्थान पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बुधवार भोर में बाघ ने पड़वा का शिकार किया था। रात में बचा मांस खाने के लिए आया तो लेकिन संदेह होने पर वापस जंगल की तरफ लौट गया। बताया विशेषज्ञ डॉक्टरों से लेकर विभाग की अन्य टीमें यहां लगी हैं।
रहमानखेड़ा जंगल पहुंचीं अपर मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल रेनू सिंह ने बताया कि नई तरकीब से बाघ को पकड़ने के प्रयास किया जा रहे हैं। जिसमें बृहस्पतिवार को जेसीबी मशीन से जंगल में 15 फुट गहरा और दस फिट लंबा गड्ढा खोदा गया है।
पांच एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगी
बाघ को पकड़ने के लिए नए टीम लीडर बाराबंकी के डीएफओ आकाशदीप बाधवन की अगुवाई और निर्देश पर अब काम होगा। यहां पर प्राणी उद्यान के चार एक्सपर्ट डॉक्टर पहले से लगे हैं। बृहस्पतिवार को बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार से पांचवें एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक के साथ हथिनियों पर बैठकर काॅम्बिंग शुरू की गई है।
ग्रामीण झुंड बनाकर निकल रहे बाहर
बाघ के न पकड़े जाने से 60 गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। बचाव के लिए ग्रामीण घरों से बाहर झुंड बनाकर निकलने को मजबूर हैं। रात में जरूरी काम होने पर ही झुंड बनाकर मशाल जलाकर निकल रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई लिखाई सब चौपट हो गई है। खेतों में तैयार फसल भी नष्ट हो रही है।