लखनऊ। रहमानखेड़ा जंगल से बाहर निकले बाघ की लोकेशन तीसरे दिन शनिवार को भी वन विभाग को नहीं मिली। टीमें, बाघ की तलाश में बंशीगढ़ी, बेहलिया व फतेहनगर की तरफ लगातार कॉम्बिंग करने का दावा कर रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बंशीगढ़ी जंगल में बृहस्पतिवार को बाघ के पगचिह्न मिले हैं। बाघ प्रभावित इलाके में बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए केंद्रों के बाहर सुरक्षा के लिए वनकर्मी तैनात किए गए हैं।
बाघ बीते तीन दिन से रहमानखेड़ा जंगल से लापता है। प्रधान कल्लूराम ने बताया कि बाघ रहमानखेड़ा से निकलकर बंशीगढ़ी के जंगल में चला गया है। उधर, वन विभाग की टीम का दावा है कि बंशीगढ़ी ,फतेहनगर व बेहलिया गांव में बाघ की लोकेशन नहीं मिली है।
वन विभाग ने रहमानखेड़ा जंगल के बेहता नाला किनारे भी पहुंचकर निगरानी की, लेकिन बाघ नजर नहीं आया। बाघ को घेरने के लिए उलरापुर की तरफ से केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आने वाले मार्ग पर एक बंकर बनाया गया। यह बंकर लोहे की पिंजरे को गोबर के लेप व पत्तियों से ढककर बनाया गया।
बाघ लगातार 86 दिनों से यह सक्रिय है और 23 शिकार कर चुका है। कई दिनों से बाघ भूखा बताया जा रहा है। इससे वह नए शिकार की भी तलाश में है।