लखनऊ। श्री गुरु वशिष्ठ न्यास की तरफ से आयोजित दो दिवसीय विचार महाकुंभ श्रीराम परिषद का शुभारंभ शनिवार को होटल फार्च्यून में हुआ। इसमें उपमुख्यमंत्री, आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, प्रदेश सरकार के मंत्री व अन्य वक्ताओं ने विचार रखे। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि महाकुंभ में अंबानी परिवार ने जिस घाट पर स्नान किया, वहीं पर गांव के सामान्य निवासियों राम, लखन के परिवार ने भी स्नान किया। यहां गरीब-अमीर और जात -पांत का कोई भेद नहीं रहा। उन्होंने सफाईकर्मियों, व्यवस्था में लगे रहे व्यवस्थापकों को व्यवस्था देने के लिए सभी का आभार जताया।
पाठक ने कहा कि महाकुंभ में हमने देखा 90 वर्ष की सास को उसकी बहू कंधे पर उठाकर ले जा रही है। किसी अन्य समाज या संस्कृति में यह असंभव है। महाकुंभ में पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से लोग आए देश ही नहीं दुनिया के हर कोने से लोग आए। यह वैश्विक उत्सव भारत और भारतीयता का परिचायक बना है। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि इस देश में सनातन चेतना का जागरण हो चुका है।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल, विचारक महेश चंद्र शर्मा, प्रखर श्रीवास्तव, हर्षवर्धन त्रिपाठी, सुशांत सरीन, कामरान अली मीर, अशोक श्रीवास्तव, स्वाति गोयल शर्मा, अक्षत गुप्ता ने भी विचार रखे।
संघ में जाति नहीं पूछी जाती
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने कहा कि संघ अपनी स्थापना का सौ वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। आज के मौजूदा परिवेश में संघ को सब जानना चाहते हैं। संघ में किसी की जाति नहीं पूछी जाती।