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पीलीभीत के टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत पर घमासान  

Sat, 09 May 2020 11:25 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी विष्णु मोहन, लखनऊ

सार

- पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मौत पर उठाए सवाल
- संबंधित डीएफओ को निलंबित करने की मांग, जांच शुरू
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बाघ का शव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लॉकडाउन में पीलीभीत के टाइगर रिजर्व से बाहर मौजूद बाघ को पकड़ने के दौरान उसकी मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह आरोप लग रहे हैं कि वन अधिकारियों ने अति उत्साह में बाघ को ट्रैंकुलाइजर की अधिक डोज दे दी जिससे उसकी मौत हो गई, वहीं वन विभाग बाघ की मौत की वजह ग्रामीणों के हमले से घायल होने को बता रहे हैं। हालांकि जांच शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव वन सुधीर कुमार गर्ग ने इसकी पुष्टि की है।
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बाघ के मरने पर मामले की लीपापोती शुरू हो गई और उसका सामान्य पोस्टमार्टम करने की तैयारी थी। लेकिन इसकी जानकारी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने प्रमुख सचिव वन से शिकायत कर संबंधित डीएफओ को निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर दी। इसके बाद बाघ के शव का बरेली स्थित इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) में पोस्टमार्टम कराया गया। 

आईवीआरआई के निदेशक आरके सिंह से जब इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इतना ही पता है कि बाघ की मौत ट्रॉमा की वजह से हुई। वहीं, बाघ का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अभिजीत पावडा ने कहा कि बाघ की एक पसली टूटी थी, पेट में खून जमा हो गया था और उसकी किडनी खराब थी। उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया कि बाघ की मौत नशे के ओवरडोज से हुई अथवा नहीं।
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ये है मामला
पीलीभीत के गजरौला थाना इलाके के माला रेंज की बानगंज बीट से पिछले हफ्ते एक बाघ आबादी वाले इलाके में आ गया था और राहगीरों पर हमला कर तीन को घायल कर दिया था। इसकी जानकारी पर टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम जब बाघ को काबू में करने गई तो बाघ ने टीम के वाहन पर हमला कर दिया। इससे घबराई टीम किसी तरह बच कर निकल आई। 

बीते रविवार बाघ के एक खेत में होने की जानकारी पर टाइगर रिर्जव की टीम पहुंची और बाघ को बेहोश करने के लिए ट्रैंकुलाइजर मारे। लेकिन बाघ बेहोश नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि इस पर टीम ने दो बार और ट्रैंकुलाइजर मारे जिससे वह बेसुध हो गया। जैसे ही टीम बाघ के पास पहुंची तो उसने उठने की कोशिश की इस पर टीम ने फिर ट्रैंकुलाइजर की डार्ट मार दी। इससे बाघ की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारों का कहना है कि ट्रैंकुलाइजर की ओवर डोज से बाघ की मौत हुई है। 

नशे की ओवरडोज से खराब हुई किडनी : मेनका
पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि बाघ की पसली तब टूटी होगी जब उसे उठा कर वाहन में लादा जा रहा होगा। उन्होंने कहा कि ट्रैंकुलाइजर की ओवरडोज से बाघ की किडनी खराब हुई।  

सभी पहलुओं की होगी जांच : गर्ग
प्रमुख मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष राजीव गर्ग ने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी है। जांच टीम सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।
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