लखनऊ। राजधानी में मंगलवार की शाम आकाश में दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली। सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में शुक्र और बृहस्पति ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई दिए। दोनों ग्रहों की इस जुगलबंदी को टेलीस्कोप से निशुल्क देखने के लिए इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला और लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला ने उप्र एमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब के सहयोग से आमजन के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। नक्षत्रशाला परिसर और पंचवटी घाट स्थित लेटे हुए हनुमान मंदिर में चार टेलिस्कोप लगाए गए। लगभग ढाई हजार लोगों ने टेलिस्कोप के जरिये इस दुर्लभ दृश्य का अवलोकन किया।
डाॅ. सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि टेलिस्कोप से बृहस्पति के चार प्रमुख उपग्रह-आयो, यूरोपा, गैनीमीड और कैलिस्टो भी साफ नजर आए। एस्ट्रोफोटोग्राफर उत्कर्ष मिश्रा, संकल्प मोहन, स्वप्निल रस्तोगी और अमृतांशु वाजपेयी ने इस घटना की तस्वीरें कैद कीं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सचिव रमेश चंद्र व संयुक्त निदेशक डॉ. राजेश गंगवार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
शुक्र और बृहस्पति ग्रह की गलबहियां देख हुए रोमांचित
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