लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में फीसवृद्धि के खिलाफ हुए धरना-प्रदर्शन के मामले में विश्वविद्यालय से निष्कासित तीन छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई होगी। छात्रों ने निष्कासन आदेश को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने और आगामी परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की है।
याचिकाकर्ता छात्रों के अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल के अनुसार, फीसवृद्धि के विरोध में हुए धरना-प्रदर्शन के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद छात्र शशि प्रकाश, हर्षित शुक्ला एवं एक अन्य छात्र को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। छात्रों की ओर से दाखिल याचिका में निष्कासन आदेश को कानून की मंशा के विपरीत बताते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं की परीक्षाएं 12 जून से शुरू हो रही हैं, इसलिए उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी प्रदान की जाए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष होगी।