लखनऊ। चारबाग स्टेशन पर बड़ी लाइन के पास परिवार के साथ सो रही तीन वर्षीय रितिका का अपहरण कर लिया गया। घटना चार दिसंबर को हुई। परिजनों के पास अनजान नंबर से कॉल भी आई और बच्ची को कानपुर के घंटाघर के पास होने की बात बताई। शिकायत पर जीआरपी ने परिजनों को टरका दिया।
21 जनवरी को रितिका की मां वीना ने हुसैनगंज थाने में बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया है। फिलहाल बच्ची का कोई सुराग नहीं लग सका है।
मूल रूप से जौनपुर के मछली शहर फुलखा निवासी वीना और उनके पति राजेश चारबाग के आसपास सफाई का काम करते हैं। राजेश ने अनुसार, वे लोग चारबाग बड़ी लाइन पानी की टंकी के पास रहते थे। चार दिसंबर की रात वह परिवार के साथ सोए थे। रितिका भी उनके साथ लेटी थी। रात करीब तीन बजे वीना की आंख खुली तो बेटी नहीं दिखी। दोनों ने मिलकर रितिका को तलाशना शुरू किया पर कुछ पता नहीं चल सका।
जीआरपी ने नहीं की सुनवाई
राजेश ने बताया कि इस बीच उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी घंटाघर के पास मौजूद है। उन्होंने फौरन इसकी शिकायत जीआरपी से की। जीआरपी ने अनजान नंबर से कॉल करने वाले से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह कानपुर में है। इसके बाद जीआरपी ने बिना केस दर्ज किए ही टरका दिया। राजेश के अनुसार, वे लोग बच्ची को तलाशते हुए कानपुर पहुंचे। 20 दिन उन लोगों ने बच्ची को कानपुर में तलाशा पर कुछ पता नहीं चल सका। इसके बाद वे लोग जौनपुर चले गए। इंस्पेक्टर जीआरपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की थी। शिकायत की होती तो एफआईआर जरूर दर्ज की जाती।
डीसीपी को भेजा पत्र जौनपुर जाकर पुलिस ने ली तहरीर
बच्ची की मां ने शिकायती पत्र डीसीपी मध्य को डाक के माध्यम से भेजा, जो हुसैनगंज पुलिस को मिला। हुसैनगंज पुलिस की टीम रितिका के घर पहुंची और परिजनों को लेकर लखनऊ आई। हुसैनगंज पुलिस ने 21 जनवरी को रितिका के अपहरण का केस दर्ज किया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि पुलिस की दो टीमें अपहृत बच्ची की तलाश में लगी हैं। पुलिस की एक टीम कानपुर में डेरा डाले हुए है।