लखनऊ। आलमनगर वेयरहाउस के पास सोमवार शाम छह बजे पाइपलाइन बिछाने के लिए सुरंग खोदते समय मिट्टी धंस गई। मिट्टी के नीचे तीन श्रमिक दब गए। साथी श्रमिकों ने लोगों की मदद से तीनों को एक घंटे में बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। यहां एक श्रमिक की मौत हो गई।
तालकटोरा इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक, मूलरूप से सीतापुर देहात के कंचनार निवासी श्रमिक विपिन रावत (17) दो माह से पीजीआई के उतरेटिया में रह रहे थे। वह साथी सुल्तानपुर के नवागांव निवासी रोहित (20) और कंचनार के विनीत (16) के साथ जल निगम की ओर से आलमनगर वेयरहाउस के पास रेलवे की जमीन पर पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे। सोमवार शाम छह बजे तीनों साथी व नौ अन्य श्रमिक काम कर रहे थे। विपिन, रोहित, विनीत व एक अन्य नाबालिग श्रमिक 15 फीट नीचे सुरंग खोद रहे थे। तभी अचानक उन पर मिट्टी भरभराकर गिर गई। तीनों उसमें दब गए। घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। चीख पुकार सुनकर राहगीर व स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। पुलिस को घटना की सूचना देने के बाद लोग आनन-फानन तीनों को निकालने में जुट गए।
एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले जा सके सभी
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने चारों श्रमिकों को बाहर निकाला। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने विपिन को मृत घोषित कर दिया। विपिन के परिवार में पिता सेवक राम, मां रेनू और दो छोटे भाई विकास व जीतू हैं।
बिना सुरक्षा उपकरण के काम कराने का आरोप
काम करने वाले श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी सुरक्षा उपकरण दिए काम कराया जाता है। इसके साथ ही कई अन्य लापरवाही बरती जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि अभी तक घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कुलदीप तिवारी,
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उत्तर रेलवे
इसी सुरंग को खोदने के दाैरान हुआ हादसा। - फोटो : संवाद