फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: म्यांमार में बंधक यूपी के तीन इंजीनियर से बर्बरता की हदें पार, 18 से 20 घंटे काम; दे रहे इलेक्ट्रिक शॉक

Wed, 10 Apr 2024 08:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी के रहने वाले तीन इंजीनियर दोस्त म्यांमार में बंधक बना रखे हैं। अभी तक परिवार से छोड़ने के लिए 8.14 लाख फिरौती वसूली जा चुकी है। इंजीनियरों को यातनाएं दी जा रही हैं। एक से संपर्क नहीं हो पा रहा है। तीनों ने परिवार को व्हाट्सएप पर वीडियो भेजे हैं।
विज्ञापन
Three UP engineers - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नौकरी के लिए म्यांमार गए तीन इंजीनियर दोस्त बंधक बना लिए गए हैं। एक इंजीनियर के परिजनों से 8.14 लाख रुपये की फिरौती भी वसूली। रकम ट्रांसफर होने के बाद से इंजीनियर से परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है। उसके भाई ने डालीगंज में स्थित एंटी ह्यूमेन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में उसके दोस्त व एक मलेशिया एजेंट नामजद आरोपी है।
विज्ञापन


गुडंबा के आधारखेड़ा गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर जोगिंदर चौहान ने बताया कि उनके 24 वर्षीय भाई सागर चौहान सिविल इंजीनियर हैं। बीती 26 मार्च को वह बसहा गांव निवासी अपने दोस्त राहुल उर्फ आरुष गौतम के साथ मलेशिया जाने की बात कहकर निकला था। 

दूसरे दिन जब उससे बात हुई थी तो उसने बताया था कि राहुल की कंपनी ने म्यांमार में नौकरी दिलाने की बात कही है, इसलिए वह म्यांमार चले गए हैं। साथ में उनका तीसरा दोस्त बाराबंकी निवासी अजय कुमार भी है। जोगिंदर के मुताबिक 28 मार्च को जब सागर की कॉल आई तो उसने बताया कि वहां उसको बंधक बना लिया गया है। 
विज्ञापन


टॉर्चर किया जा रहा है। फिर रुपयों की मांग की। जोगिंदर ने दो, तीन व चार अप्रैल को कुल तीन बार में 8 लाख 14 हजार रुपये उसको भेज दिए। तब से सागर से कोई बात नहीं हो पा रही है। इसलिए जोगिंदर ने आरुष गौतम व मलेशिया के रॉबिन हुड नाम के शख्स पर एफआईआर दर्ज कराई है। 

उनका कहना है कि राहुल उनके भाई को ले गया था। अंदेशा है कि उसने उसके भाई को वहां बेच दिया। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है लेकिन जो तरू सामने आए हैं, उससे साफ है कि तीनों दोस्त फंसे हुए हैं। कमिश्नरेट पुलिस विदेश मंत्रालय से संपर्क कर प्रकरण की जानकारी दी है। बंधक बनाए गए युवकों की वापसी की जद्दोजहद में जुटी है।

बंधक बनाए गए तीनों इंजीनियर दोस्तों ने व्हाट्सएप पर परिजनों को भेजे वीडियो
म्यांमार में फंसे तीनों इंजीनियर दोस्तों ने वीडियो बनाकर परिजनों को व्हाट्सएप पर भेजे हैं। जिसमें बताया है कि उन पर वहां बर्बरता की जा रही है। 18-20 घंटे काम कराया जा रहा है। बहुत कम खाना देते हैं। इलेक्टि्रक शॉक भी देते हैं। ये सुनकर परिजन हैरान और परेशान हैं। वह भी भारत सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनके बच्चों को किसी तरह से बंधने से मुक्त कराएं।
साइबर फ्राॅड में कर रहे इस्तेमाल

शुरुआत में जब जोगिंदर की अपने भाई सागर से बात हुई तो उसने बताया था कि वहां लोग उनसे साइबर फ्रॉड करवाते हैं। तमाम नंबर देकर उन पर कॉल करवाते हैं और फिर तरह-तरह का झांसा देकर लोगों से ठगी की जाती है। इसके लिए हर किसी को रोजाना का टारगेट देते हैं। जो पूरा नहीं कर पाता है उस पर बर्बरता करते हैं। जिस कंपनी ने बंधक बनाया है वह चीन की बताई जा रही है।

हर दिन खाते से ट्रांसफर हो रहे एक लाख
जोगिंदर ने बताया कि म्यांमार के किसी शख्स का खाता नंबर आदि दिया गया था। जिसमें डॉलर ट्रांसफर करने की बात कही थी। जो वह नहीं कर पाए। इसलिए उन्होंने पूरी रकम सागर के खाते में भेज दी। तब से हर दिन भाई के खाते से एक-एक लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे जा रहे हैं। संबंधित बैंक से संपर्क कर उन खातों का विवरण मांगा है।

सागर को कर रहे सबसे ज्यादा प्रताड़ित
राहुल ने वीडियो में कहा, वह मलेशिया में कई महीने नौकरी कर चुका था। दोबारा वहां नौकरी करने के लिए सुपरवाइजर रॉबिन से संपर्क किया। उसके कहने पर अपने दो दोस्तों सागर और अजय को ले आया। इन लोगों ने मेरी म्यांमार की टिकट कराई। तब कुछ शक हुआ लेकिन रॉबिन ने कहा कि म्यांमार से मलेशिया भेजा जाएगा। इसलिए वह वहीं चला गया। राहुल के मुताबिक सभी को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर साइबर फ्राॅड कराया जा रहा है। सागर को अलग कमरे में बंद करके सबसे अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है।
 
विज्ञापन

500 से अधिक युवक हैं कैद
राहुल के मुताबिक जहां पर वह व उनके दोस्त बंधक हैं, वहां पर अलग-अलग देशों के करीब 500 युवक बंधक बने हैं। उनसे भी उसी तरह का काम कराया जाता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें