इसी तरह छपिया ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल पायर खास द्वितीय के सहायक अध्यापक की नियुक्ति वर्ष 27 अगस्त 2016 में हुई थी। इनके बीएड की डिग्री भी फर्जी मिली है।
इनके साथ ही बेलसर के प्राइमरी स्कूल पकवान गांव में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत ज्ञानेंद्र सिंह दुबेला के बीएड की डिग्री भी जांच में फर्जी पाई गई है। इनकी तैनाती 9 नवंबर 2015 को मुजेहना के प्राइमरी स्कूल कोल्हुआ बनकट में हुई थी। हाल ही में अंग्रेजी मीडियम स्कूल होने पर प्राइमरी स्कूल पकवान गांव में इन्होंने नियुक्ति हासिल की थी।
बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि डिग्री फर्जी होने की जानकारी होने पर तीनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। 22 जुलाई 2019 को सुनवाई का अवसर दिया गया। ये तीनों ही आरोप के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे तीनों की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। बेलसर, मनकापुर व छपिया के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तीनों के विरुद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराएं।