कलानिधि नैथानी ने बताया कि तेलीबाग चौकी में किशोर की पिटाई के मामले में तुरंत कदम उठाने के बजाए मूल कारण का पता लगाकर कार्रवाई की गई है। सभी पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारियों को आदेश दिए गए कि प्रभारी निरीक्षक से लेकर होमगार्ड तक को बाल अपराध व किशोर न्याय अधिनियम के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देकर जागरूक करें।
एसएसपी ने कहा कि पहले थाने पर महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतें आती थीं। अनेक पुलिसकर्मियों को जेल की हवा खानी पड़ी। इसके बाद थानों से महिला हवालात खत्म हो गई। चेताया कि नाबालिग के उत्पीड़न में जेल जाने के बजाय हरकत सुधार लें। पुलिसकर्मी नए जमाने के हिसाब से खुद को बदलकर कार्य करें।