लखनऊ। बीकेटी के चंदाकोडर गांव निवासी प्रेमा (71) ने बृहस्पतिवार को फंदा लगाकर जान दे दी। जानकीपुरम के रसूलपुर निवासी ऑटो चालक अजय नेगी (39) ने खुदकुशी कर ली। इसके अलावा ठाकुरगंज निवासी पन्नेलाल (49) ने बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
इंस्पेक्टर बीकेटी संजय कुमार ने बताया कि प्रेमा ने बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे घर के पीछे अहाते में लगे पेड़ से साड़ी के सहारे फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद पति ब्रज कुमार व बेटा राज नारायण अहाते में पहुंचे तो उन्हें फंदे से लटका देखा। वे प्रेमा को राम सागर मिश्र अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक सुबह प्रेमा का पति से झगड़ा हो गया था। ब्रज कुमार सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
मूल रूप से बहराइच के इकौना बाजार के अजय नेगी (39) जानकीपुरम के रसूलपुर में किराये के मकान में रहकर ऑटो चलाते थे। बहनोई गंगा राम के मुताबिक अजय एक माह से ऑटो नहीं चला रहे थे, जिससे घर का खर्च चलाने में दिक्कत होने से तनाव में थे। बृहस्पतिवार सुबह उनकी पत्नी जुगधा खाना बना रही थी। बेटी महिमा कमरे में पहुंची तो पिता को फंदे से लटका देखा। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया। अजय के परिवार में दो बेटियां व बेटा है। इंस्पेक्टर जानकीपुरम विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
ठाकुरगंज के आम्रपाली योजना सेक्टर-पी निवासी पन्नेलाल (49) टीबी की बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने घर के पास मूसाबाग के जंगल में पेड़ में गमछे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज श्रीकांत राय ने बताया कि भतीजे सीतापुर निवासी राजकुमार ने बताया कि पन्नेलाल का काफी समय से इलाज चल रहा था।