लखनऊ। जमीन विवाद के चलते हत्या और जानलेवा हमला करने के आरोपी संतोष सिंह, अजय सिंह और छोटू उर्फ दीन मोहम्मद को दोषी ठहराकर एडीजे रोहित सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चार लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि जुर्माने की अधिकतम राशि मृतक के उत्तराधिकारियों को दी जाए।इस मामले में आरोपी बनाए गए मधुसूदन श्रीवास्तव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि मामले की रिपोर्ट वादी मोहम्मद अयूब हाशमी ने 27 जून 2006 को तालकटोरा थाने में दर्ज कराई थी। बताया गया कि वादी अपने भाई याकूब और दोस्तों के साथ राजाजीपुरम बस स्टैंड के पास चाय पी रहे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर आरोपी संतोष सिंह, अजय सिंह और एनके श्रीवास्तव का ड्राइवर छोटू वहां आए और साथ में चाय पी। इस दौरान आरोपियों ने याकूब से जमीन संबंधी बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बनी। इस पर आरोपी संतोष सिंह ने सभी को उसके घर चलकर बात करने के लिए कहा। इस पर वादी समेत सभी लोग संतोष के पारा स्थित घर पहुंचे। वहां वादी और उसका दोस्त जाकिर घर के बाहर बरामदे में बैठ गए, जबकि आरोपी और वादी का भाई अंदर कमरे में बैठकर बात कर रहे थे। थोड़ी देर बाद कमरे से गाली-गलौज की आवाज आने पर वादी ने कमरे में झांक कर देखा तो पाया कि आरोपी याकूब को गालियां दे रहे थे। तीनों आरोपियों ने अपने हाथ में लिए हथियारों से याकूब पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जब वादी और उसके दोस्त ने शोर मचाया तो आरोपियों ने वादी पर भी गोलियां चलाईं। वादी किसी तरह अपनी जान बचाकर पुलिस के पास गया और घटना की जानकारी दी। इस घटना में वादी के भाई याकूब की मौत हो गई थी।