राजधानी लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में तीन लोगों ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटनाएं नाका, पारा और सरोजनीनगर क्षेत्र में हुईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनाओं की जानकारी ली।
सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के गौरी विहार कॉलोनी निवासी शिवा ने बताया कि उनका भाई शिवमोहन त्रिपाठी (22) प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ दिन पहले नौकरी छोड़ दी थी। बृहस्पतिवार रात शिवमोहन नशे में घर पहुंचा। कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी।
इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने बताया कि आत्महत्या का कारण का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। शिवमोहन की एक छोटी बहन है। मां की करीब सात और पिता की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
दूसरी घटना पारा के अवंती विहार की है। यहां का निवासी अजय (33) प्लंबर था। पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बेटा शुक्रवार सुबह घर से चला गया था। दोपहर में नशे की हालत में लौटा। इसके बाद कमरे में गया और पंखे से बिजली के तार के सहारे लटककर जान दे दी। अजय की शादी नहीं हुई थी। इंस्पेक्टर सुभाष सरोज का कहना है कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
तीसरी घटना नाका के आर्यनगर की है। यहां के निवासी दिलीप मिश्रा (50) जनरल स्टोर चलाते थे। बेटे वेदांत ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पिता नशे में घर पहुंचे। मां धर्मनिष्ठा से किसी बात पर उनकी कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद दिलीप कमरे में गए और पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि आत्महत्या के कारण का पता नहीं चला है।