कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। लखनऊ में सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में ऑक्सीजन का संकट गहरा गया है। कोरोना के चलते अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग 10 गुना तक बढ़ गया है। गैस कंपनियां मांग की तुलना में आपूर्ति करने में हाथ खड़े कर रही हैं।
इस बीच, ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की वजह से शनिवार को लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में तीन कोरोना संक्रमितों की जान चली गई। तीनों संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक के इमरजेंसी के होल्डिंग एरिया में ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।
आरोप है कि सुबह करीब छह बजे अचानक ऑक्सीजन की कमी होने से मरीजों की सांस फूलने लगी। जब तक ऑक्सीजन की दूसरी व्यवस्था होती, तीनों की मौत हो गई। हालांकि 50 अन्य मरीजों को ऑक्सीजन देकर उनकी जान जरूर बचा ली गई। यहां ऑक्सीजन की सप्लाई बाराबंकी की सारंग कंपनी करती है। शुक्रवार को एक प्लांट फेल होने की बात कहकर उसने सप्लाई को लेकर हाथ खड़े कर दिए। इसे लेकर उसे नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, संस्थान के डायरेक्टर डॉ. एनके सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत की खबर तथ्यहीन और निराधार है। उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार को पत्र लिखकर कहा है कि ऑक्सीजन की अप्रत्याशित कमी पूरी करने के लिए संस्थान के शहीद पथ स्थित अस्पताल से मिले 50 सिलेंडरों का बैकअप मौजूद था।