लखनऊ। ट्रांसपोर्ट कारोबारी की पत्नी वीना बाजपेयी को डिजिटल अरेस्ट कर 90 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह के तीन और लोगों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गिरोह का मास्टरमाइंड भागा चल रहा है। आरोपियों ने वीना को कॉल कर खुद को एटीएस में तैनात इंस्पेक्टर बताते हुए उन्हें आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग में आरोपी बताया था।
इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि पकड़े गए आरोपी तालकटोरा के राजाजीपुरम निवासी धीरज, स्पर्श कपूर और कृष्णानगर के पंडित खेड़ा का रहने वाला आशीष चंद्रा है। मयंक श्रीवास्तव, इरशाद, मनीष कुमार, मनोज यादव और जितेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
कमीशन पर काम करते थे आरोपी
इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपी धीरज ने बताया कि उसने स्पर्श कपूर के कहने पर राहुल पाल का खाता कोटक महिंद्रा बैंक शाखा राजाजीपुरम में खुलवाया था। इसके बदल उसे आठ हजार रुपये मिले थे। स्पर्श कपूर का कहना है कि उसने चेक के जरिये ठगी के 2.45 लाख रुपये बैंक से निकालकर आशीष चंद्रा को दिए थे। इसके बदले उसे दस हजार रुपये मिले थे।
क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे रकम
आशीष ने बताया कि वह फर्जी दस्तावेज के जरिये खोले गए विभिन्न बैंक खाते में आने वाली ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलता था। ताकि पुलिस रकम को ट्रेस न कर सके। इंस्पेक्टर ब्रजेश ने बताया कि आशीष के मोबाइल से क्रिप्टोकरेंसी संबंधित लेन-देन व अन्य साइबर जालसाजी के साक्ष्य मिले हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी।