लखनऊ। गोमतीनगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में एचसीएल कंपनी ने इन छात्राओं के लिए तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया है, जहां गणित, सांख्यिकी, कंप्यूटर साइंस, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उनके नए ‘सूत्र’ बन रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने पर 40 हजार रुपये महीने की नौकरी भी तय है।
विवि के निदेशक प्रो. सर्व नारायण झा के अनुसार, पहली बार किसी बड़ी कंपनी ने परिसर में आकर संस्कृत छात्राओं को डिजिटल तकनीक की दुनिया से जोड़ने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में संस्कृत व अन्य आचार्य विषयों की छात्राएं उदयपुर की एक निजी कंपनी के साथ मिलकर प्राचीन पांडुलिपियों पर शोध भी कर रही हैं। इसके लिए उन्हें 50 हजार रुपये महीना मिल रहा है।
प्लेसमेंट सेल को पूरी तरह सक्रि कर दिया है। लक्ष्य है हर साल 70 फीसदी विद्यार्थियों को नौकरी दिलाना। संस्कृत की बढ़ती मांग को देखते हुए बीएड, एमएड और स्टार्टअप आधारित कोर्स शुरू करने की तैयारी भी है।