लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के 105वें स्थापना दिवस सप्ताह के तहत मंगलवार को मालवीय सभागार में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। शास्त्रीय और आधुनिक नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए छात्राओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तनु शुक्ला, मुदिता वर्मा, योगिता, अनामिका, सृजल, साक्षी और अंशिका के नृत्य को सराहा गया। वहीं, आलोक शुक्ला के लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत और लखनऊ विश्वविद्यालय की परंपरा विषय पर भाषण को तालियां मिलीं। संगीत प्रस्तुतियों में वासुदेव व टीम का- तुम प्रेम हो, तनु यादव का ''राम को देखकर'' और निखर सक्सेना का पियानो वादन ''आओगे जब तुम'' विशेष आकर्षण रहे। कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, प्रो. अर्पणा गोडबोले और प्रो. रोली मिश्रा ने प्रस्तुतियों की सराहना की।