एक्सप्रेस-वे पर डिवाइडर से टकराकर पलटी कार, युवक उसकी साली और रिश्ते के साले की सांसें थमीं
जानकीपुरम विस्तार निवासी निजी कंपनी के कर्मचारी रामभवन (36) समेत तीन लोगों की शुक्रवार सुबह आगरा एक्सप्रेस-वे पर फतेहाबाद में भीषण हादसे में मौत हो गई।
रामभवन अपनी साली गोमतीनगर निवासी नीतू (23), फतेहगढ़ निवासी रिश्ते के साले व कंपनी संचालक सतेंद्र (29), उसके भाई पुष्पेंद्र और कल्याणपुर की रचना पांडेय के साथ काम से हिमाचल प्रदेश गया था।
काम पूरा होने के बाद सभी घूम-फिरकर लौट रहे थे तभी उनकी कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। रामभवन, नीतू व सतेंद्र की मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल पुष्पेंद्र और रचना पांडेय का उपचार किया जा रहा है।
रामभवन के परिवारीजनों ने बताया कि वह अपने रिश्ते के साले सतेंद्र की कंपनी सफल इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड में काम करता था। सतेंद्र को हिमाचल प्रदेश के ऊना में कंपनी का ऑफिस शुरू करना था।
जिसके लिए 11 जुलाई को सभी लोग वहां गए थे। काम खत्म करके सभी लोग घूमने निकल गए। बृहस्पतिवार को सभी लखनऊ के लिए निकल पड़े।
शुक्रवार सुबह उनकी कार आगरा एक्सप्रेस-वे के फतेहाबाद इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने बताया कि कार पुष्पेंद्र चला रहा था।
फतेहाबाद इलाके में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर उछल गई और सड़क के दूसरी तरफ अंडरपास से जा टकराई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए।
आसपास के लोगों से सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। अस्पताल में चिकित्सकों ने रामभवन, नीतू और सतेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
परिवारीजनों को हादसे की सूचना मिली तो कोहराम मच गया। रोते-पीटते परिवारीजन आगरा पहुंच गए। देर रात रामभवन और नीतू का शव लखनऊ ले आया गया।
जबकि सतेंद्र का शव फतेहगढ़ के नेकपुर कला स्थित उसके घर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, चालक को झपकी आने के चलते हादसा होने की आशंका है।
फाइनेंस कंपनी का ऑफिस शुरू करने ऊना गया था सतेंद्र
सतेंद्र के पिता सत्यपाल सत्यार्थी सिंचाई विभाग कन्नौज में अधिकारी हैं। परिवारीजनों ने बताया कि सतेंद्र ने लखनऊ में सफल इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम से हेल्थ चेकअप कंपनी खोली थी। कंपनी में उसके साथ नीतू, रामभवन, रचना भी काम करते थे। कंपनी का एक ऑफिस हिमाचल प्रदेश के ऊना में शुरू करने के लिए सभी वहां गए थे। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
पत्नी-बच्चों को नहीं दी हादसे की जानकारी
रामभवन के परिवार में पत्नी रचना सिंह, बेटा आरव व आरू हैं। शुक्रवार सुबह हादसे की सूचना मिलते ही रचना की बहन उसके घर पहुंची और अपने साथ गोमतीनगर स्थित मायके ले आई। मायके में सन्नाटा छाया देख रचना को कुछ शक हुआ। उसने काफी पूछताछ की तो बताया गया कि कार हादसे में रामभवन और नीतू समेत अन्य लोग घायल हो गए हैं। परिवारीजन उन्हें देखने गए हैं। देर रात शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। रचना बेहोश होकर गिर पड़ीं। पिता का शव देखते ही बच्चे रोने-पीटने लगे।