फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फटिक शिला के महंत रामाज्ञा दास सड़क हादसे में ब्रह्मलीन

Fri, 26 Jul 2019 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या/कन्नौज
विज्ञापन
फटिक शिला के महंत रामाज्ञा दास का फाइल फोटो। - फोटो : FAIZABAD
विज्ञापन

वृंदावन स्थित सीताराम आश्रम से अयोध्या लौट रहे प्रसिद्ध संत रामाज्ञा दास की शुक्रवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में मौत हो गई। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक कार इतनी तेज रफ्तार में थी कि तेज बारिश के कारण चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका। कार डिवाइडर से टकराने के बाद कई मीटर दूर जाकर गिरी।

विज्ञापन


कार के परखचे उड़ गए। कार सवार लोगों को तुरंत एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हादसे में फटिक शिला आश्रम के संत रामाज्ञा दास की मौत हो गई। चालक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। फटिक शिला के महंत व सीताराम आश्रम के प्रमुख रामाज्ञा दास (55) का वृंदावन में भी आश्रम है। वह यहां से शुक्रवार को अयोध्या लौट रहे थे। दोपहर करीब दो बजे कन्नौज के सौरिख थानाक्षेत्र में पर कार डिवाइडर से टकराकर करीब 20 मीटर दूर जाकर पलट गई। टक्कर से पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसा होते ही यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहरलाल के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। कार में फंसे लोगों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में रामाज्ञा दास को मृत घोषित कर दिया गया। चालक सरोज (40) निवासी बिहार को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन


फटिक शिला आश्रम को बचाने के लिए संतों संग मुख्यमंत्री से मिले थे महंत
महंत रामाज्ञा दास दो दशक से फटिक शिला की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को नया आयाम दे रहे थे। उनके निधन की खबर लगते ही रामनगरी के संत-धर्माचार्यों में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर अयोध्या के रामघाट स्थित फटिक शिला आश्रम लाया गया।महंत रामाज्ञा दास के गुरु भाई सुकदेव दास ने बताया कि फटिक शिला सिद्ध संत नारायण दास उर्फ वगही बाबा द्वारा करीब 40 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था।

उनके देहावसान के बाद रामाज्ञा दास ने फटिक शिला की विरासत संभाली और आश्रम की आध्यात्मिक आभा को नया आयाम दिया। सरयू तट पर लगने जा रही श्रीराममूर्ति के लिए जमीन अधिग्रहण की जद में फटिक शिला के आने पर अभी कुछ ही दिनों पूर्व उन्होंने रामनगरी के संतों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर वगही बाबा की इस विरासत को बचाने की गुहार भी लगाई थी।

उनके निधन पर दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, महंत कमलनयन दास, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती, ज.गु.रामदिनेशाचार्य, डॉ.राघवेश दास वेदांती, महंत करुणानिधान शरण, महंत परमहंस दास, महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत बृजमोहन दास, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा सहित अन्य संत-धर्माचार्यों ने शोक व्यक्त किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें