जिस फ्लाईओवर की बीम गिरी है उससे एनएचएआई के बनाए आउटर रिंगरोड से फैजाबाद रोड की दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी के बनाए रिंगरोड को जोड़ा जाना है।
लापरवाही से लगाई बेल्ट?
बेल्ट निकल जाने को कार्यदायी कंपनी के स्टाफ की लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। यह लापरवाही इसलिए भी समझ में आती है क्योंकि लखनऊ में ही मेट्रो इसी तरह प्री-कास्ट किए गए यू-गर्डर और पीयरकैप को क्रेन से ही पिलर्स के ऊपर रखती है। 1000 से अधिक यू-गर्डर रखे जा रहे हैं, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
परियोजना निदेशक बोले, नहीं हुआ कोई घायल
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी. शिवशंकर ने बताया कि काम के दौरान कोई स्टाफ नीचे न होने से बीम गिरी। क्रेन को सपोर्ट करने वाला ही स्टाफ था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हादसे में कोई भी मजदूर घायल नहीं हुआ है।