इकौना (श्रावस्ती)। जमुनहा के राप्ती बैराज पर भले ही नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70. से 20 सेंटीमीटर नीचे आ गया हो, लेकिन इकौना क्षेत्र के गांवों में राप्ती नदी की विनाश लीला जारी है। राप्ती लैबुड़वा में पूर्व प्रधान सहित तीन ग्रामीणों के घरों को अपनी धारा में मिला चुकी है। वहीं भुतहा में भी नदी तेजी से कटान कर रही है। इसकी चपेट में आने से इन दोनों गांवों की करीब 75 बीघा कृषि भूमि फसल सहित नदी की धारा में विलीन हो चुकी है।
इकौना तहसील क्षेत्र के ग्राम इटवरिया के मजरा लैबुड़वा में राप्ती का कटान जारी है। नदी गांव निवासी पूर्व प्रधान कंधई लाल, अलखराम सहित तीन घरों को काट चुकी है। जो घर शेष बचा है उसमें भी दरार आ जाने के कारण ग्रामीण घर में रहने से घबरा रहे हैं। वहीं नदी गांव निवासी राघवराम, शिवकुमार, दिनेश कुमार, राकेश व देवेंद्र के घर को अपनी आगोश में लेने के लिए कटान कर रही है। दहशत में आए ग्रामीण स्वयं अपने हाथ अपना आशियाना उजाड़ रहे हैं।
वहीं राप्ती मलौना खसियारी के मजरा भुतहा निवासी राम उजागर, दद्दू, गोपीलाल, नीबर, मिठाई लाल, सर्वजीत, बदलूराम, ननकू यादव, अजय यादव, परमजीत, इंद्रजीत, रघुनंदन, कोयले, विजय, जिलेदार, अजय, गोमती प्रसाद, बनवारी लाल, हवलदार, मतने आदि का करीब 75 बीघा खेत काट कर अपनी धारा में मिला चुकी है। अब राप्ती इनके घरों को काटने के लिए तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है।