इन इंजीनियरों की संगठन की छत्र छाया होने के कारण पिछले उपाध्यक्ष कार्य मुक्त नहीं कर पाए। मगर, पिछले दिनों एक अवर अभियंता को लेकर ये इंजीनियर उपाध्यक्ष के पास नेतागिरी करने पहुंचे थे। इससे नाराज उपाध्यक्ष ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण में नेतागिरी की दम पर स्थानांतरण होने के बाद भी डटे रहने वाले तीन इंजीनियर विपिन त्रिपाठी, विनोद शंकर सिंह एवं अरुण शर्मा को उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन तीन इंजीनियरों को नेतागिरी करना बहुत महंगा पड़ गया। यह तीनों इंजीनियरों को सोमवार स्थानांतरण स्थल के लिए कार्य मुक्त कर दिया गया, जबकि उनको कार्य मुक्त करने का आदेश 27 अगस्त की शाम को हुआ था।
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इनमें सहायक अभियंता विपिन त्रिपाठी का स्थानांतरण 2021 में अयोध्या विकास प्राधिकरण हुआ था। मगर, नव तैनाती स्थल पर नहीं गये थे। अवर अभियंता विनोद शंकर सिंह का साल 2019 में मेरठ विकास प्राधिकरण स्थानांतरण हुआ था। मगर, जोड़तोड़ से एलडीए में डटे थे। इसी प्रकार अवर अभियंता अरुण शर्मा साल 2020 में एलडीए से बस्ती विकास प्राधिकरण स्थानांतरित किये गये थे, नव तैनाती स्थल पर कार्य भार ग्रहण करने नहीं गये थे। इन इंजीनियरों की संगठन की छत्र छाया होने के कारण पिछले उपाध्यक्ष कार्य मुक्त नहीं कर पाए। मगर, पिछले दिनों एक अवर अभियंता को लेकर ये इंजीनियर उपाध्यक्ष के पास नेतागिरी करने पहुंचे थे। इससे नाराज उपाध्यक्ष ने इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।