एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि हत्या के आरोप में मटियारी निवासी सौरभ यादव, विजय यादव और अखिल यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के चौथे साथी अरविंद सिंह की तलाश की जा रही है। एसीपी के मुताबिक 20 अगस्त को सर्वेश लापता हो गए थे। दूसरे दिन उनके पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छानबीन में पता चला कि 20 अगस्त की शाम चार बजे हजरतगंज से इंदिरा डैम जाने के लिए चारों आरोपियों ने कैब बुक की थी। सौरभ, विजय और अरविंद कार में बैठ गए थे, जबकि अखिल बाइक से पीछे-पीछे चल रहा था। इंदिरा डैम के पास आरोपियों ने सर्वेश की हत्या कर दी और उनके पास रखे रुपये और मोबाइल फोन लूट लिया। काफी देर तक इधर-उधर टहलने के बाद शाम सात बजे सभी इंदिरा डैम वापस लौटे। कार की पिछली सीट पर सर्वेश के शव को डालकर आठ किलोमीटर दूर बाराबंकी के देवा क्षेत्र में माती पुल के पास ले जाकर झाड़ियों में फेंक दिया था। यही नहीं, कैब को देवा रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग इंटर कॉलेज के बाहर तेल खत्म होने का बहाना कर खड़ा कर दिया। इसके बाद चारों बाइक से भाग निकले थे।
सर्वेश के फोन में सिम लगाते ही पकड़े गए आरोपी
एसीपी ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए सर्विलांस टीम को लगाया गया था। पुलिस टीम छानबीन कर रही थी। इसी बीच आरोपियों ने सर्वेश के मोबाइल फोन में दूसरा सिम लगाया। सिम लगाते ही पुलिस को आरोपियों के बारे में पता चल गया। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पूर्व पार्षद का बेटा है सौरभ
आरोपी सौरभ मटियारी निवासी पूर्व पार्षद रामू पहलवान का बेटा है। पकड़े गए आरोपी नशे के आदी हैं। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। पीड़ित परिवार ने चिनहट पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि चिनहट में 22 अगस्त को लावारिस कार मिलने के बाद से पुलिस ने सहयोग नहीं किया। कार की पिछली सीट पर खून के निशान थे और सर्वेश की चप्पल पड़ी थी, लेकिन चिनहट पुलिस टालमटोल करती रही। आरोप है कि चिनहट पुलिस ने सहयोग किया होता तो आरोपी पहले ही पकड़ लिए जाते।
सर्वेस की फाइल फोटो।