लखनऊ। केजीएमयू से बृहस्पतिवार से तीन मरीजों को आश्रय गृह (शेल्टर होम) भेजा गया। इससे रोगियों की देखभाल करने वाले स्टाफ की आंखें नम हो गईं। इन लावारिस मरीजों की तीमारदारी करने वाले कर्मियों के लिए वह परिवार के सदस्य हो गए थे। तीनों मरीजों का इलाज करीब 15 वर्षों से चल रहा था।
केजीएमयू चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मानसिक रोग विभाग में लावारिस मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। लावारिस मरीजों की शिफ्टिंग की जानकारी मांगी गई तो मानसिक स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि तीन मरीज सोनिया (15 वर्ष से भर्ती), लावारिस अस्टम (12 वर्ष से भर्ती), सोनिया (3 माह से भर्ती) करीब 15 वर्षों से भर्ती हैं। इनका इलाज भी चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला दिव्यांग अधिकारी रजनीश किरन के सहयोग से मरीजों को इंदिरानगर स्थित आश्रय गृह भेजा गया है। आश्रय गृह में पर्याप्त सुविधाएं हैं।