लखनऊ। जर्मनी निवासी एनआरआई मो. जुनैद ने पांच लोगों पर 28.50 लाख रुपये की ठगी के विरोध पर हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है। दहशत में आए पीजीआई इलाका निवासी पीड़ित एक माह से खुद को घर में बंद किए हुए हैं। उसकी शिकायत पर पीजीआई थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
जर्मनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुनैद का एक घर तेलीबाग में भी है। जनवरी 2022 में उनका संपर्क मो. मुजीब, नसरीन अहमद, परवीन, इम्तियाज अहमद और मो. इशाक से हुआ था। पांचों ने कम दाम पर जमीन दिलाने का झांसा देकर 28.50 लाख रुपये ले लिए। मार्च 2022 में अभिलेख की जांच में पता चला कि जमीन की कीमत 21.31 लाख रुपये लिखी गई थी। आरोपियों ने उनके नाम रजिस्ट्री भी नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि काफी टरकाने के बाद जब वह फरवरी के मध्य में रकम लेने खुद जर्मनी से आए तो पांचों हत्या की धमकी देने लगे।
घर पर किया पथराव
पीड़ित का आरोप है कि पांच मार्च को देर रात आरोपियों ने उनके घर पर पथराव किया। इसके बाद से पीजीआई इलाके में ही दूसरे घर में रहने लगे। जुनैद का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण वह एक माह से खुद को घर में कैद किए हुए हैं।
पुलिस सुरक्षा में हवाई अड्डे तक छोड़ने की मांग
जुनैद का कहना है कि पुलिस ने उन्हें सुरक्षा तक नहीं दी। वहीं, जर्मनी न जा पाने से जिससे उनकी नौकरी पर संकट बना हुआ है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा में हवाई अड्डे तक छोड़ने की मांग की है। मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया है। साक्ष्य संकलन होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।