केजीएमयू में ओपीडी के बाहर मरीज व तीमारदारों की कतार।
लखनऊ। भीषण गर्मी के बीच केजीएमयू के ओपीडी भवन के बाहर अव्यवस्था से मरीज और तीमारदार लंबी कतारों में लगने पर मजबूर हैं। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे ही लाइन सीएमएस कार्यालय के पार पहुंच चुकी थी। 500 मीटर की कतार में करीब एक हजार मरीज लगे थे। महिला और पुरुष की अलग-अलग लाइनों में मरीज-तीमारदार पसीने से तरबतर दिखे। छोटे बच्चे भी गर्मी से बेहाल दिखे, लेकिन इन्हें धूप से बचाने के कोई इंतजाम नहीं थे। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना सात से आठ हजार मरीज आते हैं। इनकी संख्या के मुकाबले व्यवस्था कमजोर है। ओपीडी भवन सुबह करीब साढ़े सात बजे खुलता है और पंजीकरण की प्रक्रिया आठ बजे शुरू होती है। हालांकि, मरीज घंटों पहले ही कतार में लग जाते हैं। कुछ लोग तो सुबह जल्द बारी आने के लिए रात में ही लाइन में बोतलें या बैग रखकर अपनी जगह सुरक्षित कर लेते हैं। इनमें अन्य जिलों से आने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है।
सुबह होने पर बोतलें हटाकर मरीज और तीमारदार कतारों में लग जाते हैं। बृहस्पतिवार को तपती धूप और उसम के बीच मरीजों, तीमारदारों के चेहरों पर थकान के साथ नाराजगी साफ झलक रही थी। अस्पताल परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बुजुर्ग मरीजों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
केजीएमयू में ओपीडी के बाहर मरीज व तीमारदारों की कतार।
केजीएमयू में ओपीडी के बाहर मरीज व तीमारदारों की कतार।
केजीएमयू में ओपीडी के बाहर मरीज व तीमारदारों की कतार।
केजीएमयू में ओपीडी के बाहर मरीज व तीमारदारों की कतार।
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