लखनऊ। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के वादों से दलित परिवार को अपने जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है। ये उम्मीद तब और भी पुख्ता हो गई जब मुख्य सचिव ने परिवार से मिलने के बाद दोबारा आने का वादा किया। रूबी के परिवार में खुशी का माहौल है। रूबी ने कहा कि हकीकत में मेरी जिंदगी की असल दिवाली यही थी, जो जिंदगी रोशन कर गई। परिवार को भरोसा है कि वह अगले साल दीपावली अपने पक्के मकान में मनाएगा।
विकास खंड गोसाईंगंज स्थित सलौली के मजरा रघुनाथ पुरवा निवासी दलित रूबी की झोपड़ी में 31 अक्तूबर को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह पत्नी रश्मि सिंह के साथ पहुंचे थे। उन्होंने रूबी और उनके पति रामसागर से पारिवारिक स्थिति समेत गांव के भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली थी। तब पता चला था कि परिवार छप्पर के नीचे जीवन गुजार रहा है। न पक्का घर है न बिजली और न ही राशन मिलता है। तब मुख्य सचिव ने कहा था कि वह गरीबी मुक्त योजना के तहत उसका चयन करने आए हैं। अफसर ने योजना की पहली लाभार्थी रूबी से कहा कि जल्द ही उसका सपना पूरा होगा। तब से परिवार के सभी लोग बेहद खुश हैं।
अब मेरे बच्चे भी बल्ब की रोशनी में पढ़ेंगे...
रूबी के पति मजदूरी करते हैं। मुख्य सचिव के मिलने के बाद जो उनको आश्वासन मिला है, उससे वे बहुत ही उत्साहित हैं। बातचीत में रूबी ने कहा कि बच्चे लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करते थे। जब सुविधाएं मिल जाएंगी तो वह भी बल्ब की रोशनी में पढ़ेंगे।
असल दिवाली यही थी मेरे लिए...
रूबी ने कहा कि अब मेरा राशन कार्ड बन जाएगा। राशन मिलेगा। पक्की छत के नीचे रहने को मिलेगा। बाकी भी सुविधाएं मिलेंगी। ये सब इस दिवाली पर हुआ। बातचीत करने के दौरान रूबी कई बार भावुक भी हो गईं। रूबी ने बताया कि दो साल पहले दिवाली के दिन छोटे बेटे का जन्म हुआ था। उसी के जन्मदिन पर सब कुछ हासिल होना, ऐसा लगता है कि जैसे बेटे की किस्मत से मिल रहा है।