लिखा है कि महात्मा गांधी जी साउथ अफ्रीका में हुई घटना को लेकर कैसे आगे आए। इसमें अहिंसा आंदोलन व चम्पारण जीत वगैरह का जिक्र किया है। नेहरू ने गांधी जी से देश के युवाओं और मजदूर वर्ग की ओर ध्यान देने की अपील की थी।
नेहरू चाहते थे कि गांधी देश के मजदूरों को विदेशों में जाकर काम करने से रोकें। दरअसल, उस वक्त अंग्रेजी हुकूमत हिंदुस्तानियों को अफीक्रा, कैरिबियाई देशों, फिजी वगैरह में मजदूरी के लिए ले जाया करते थे, जिसका विरोध किया गया। इस बिल को नेहरू ने कांग्रेसियों के सामने रखा था, जिसका गांधी जी ने समर्थन भी किया था।
इसके बाद जब चारबाग रेलवे स्टेशन का विस्तार हुआ और देश आजाद हुआ तो रेलवे ने इस यादगार लमहों को संजोने के लिए वहां गांधी उद्यान बना दिया, जहां हेरिटेज इंजन रखा हुआ है और एक शिलापट्ट भी लगा है, जिसमें इस मुलाकात का जिक्र है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का लखनऊ आना-जाना लगा रहता था। पर, आजादी के कुछ बरस पहले, जब वह लखनऊ आए तो यहां गोखले मार्ग पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शीला कौल के घर गए थे, जहां अपने हाथों से उन्होंने एक पौधा लगाया था, जो पेड़ बन गया। ऐसे ही महिलाओं के लिए एक पाक्र की नींव डाली, जिसे जनाना पार्क के नाम से जाना जाता है।