पिछले साल कोरोना का पहला मरीज मिलने पर उसे इलाज के लिए नई दिल्ली भेजना पड़ा था। जबकि अब प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 1.75 लाख आइसोलेशन बेड, 1.25 लाख आईसीयू व एचडीयू बेड की व्यवस्था है। वहीं कोविड से संक्रमण की गंभीरता के मद्देनजर एल-1, एल-3 व एल-3 लेवल के अस्पताल तैयार किए गए हैं।