लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मई तक तीसरी कैथ लैब काम करना शुरू कर देगी। इसके लिए शासन से साढ़े आठ करोड़ रुपये मिले हैं। स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गइ है। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में 44 लाख रुपये की लागत से नई टीएमटी मशीन के लिए भी बजट जारी हो गया है।
निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि दिल के मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए नई कैथलैब का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसे मंजूरी मिलने के बाद स्थापना की तैयारी शुरू हो गई है। कैथलैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत दूसरी सुविधाएं मिलेंगी।
कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी में भी रोजाना दिल की बीमारी वाले 30 से 35 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में नई कैथ लैब से इन्हें राहत मिलेगी।
ट्रेडमिल से पता चलेगा ब्लॉकेज
संस्थान में नई ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (टीएमटी) मशीन आने वाली है। इसके लिए 44 लाख रुपये जारी हुए हैं। इस मशीन में ट्रेडमिल पर चलाकर व्यक्ति के दिल के ब्लॉकेज की स्थिति जांची जाती है। ट्रेडमिल पर दौड़ लगाते समय डॉक्टर मरीज के दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और सांस लेने के पैटर्न की निगरानी करता है। इसके आधार पर ब्लॉकेज का पता लगाया जाता है। अनुमान के मुताबिक कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 10 फीसदी को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है।
ट्रेडमिल से पता चलेगा ब्लॉकेज
संस्थान में नई ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट (टीएमटी) मशीन आने वाली है। इसके लिए 44 लाख रुपये जारी हुए हैं। इस मशीन में ट्रेडमिल पर चलाकर व्यक्ति के दिल के ब्लॉकेज की स्थिति जांची जाती है। ट्रेडमिल पर दौड़ लगाते समय डॉक्टर मरीज के दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और सांस लेने के पैटर्न की निगरानी करता है। इसके आधार पर ब्लॉकेज का पता लगाया जाता है। अनुमान के मुताबिक कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 10 फीसदी को एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है।