रायबरेली। डलमऊ क्षेत्र के डलमऊ पंप कैनाल में बुधवार शाम हुई कटान से हालात अभी तक नहीं सुधर पाए हैं। किसी के घर में पानी घुसा है, तो किसी के मकान की दीवार धंस गई हैं। घरों में पानी भरा होने के चलते लोग छतों पर बैठकर रात बिताई। पानी के बहाव से किसी की बाउंड्रीवाल टूट गई, तो किसी के खेत में बोई धान की बेड़न बह गई।
कटान के बाद गुरुवार को भी सिंचाई विभाग का कोई अभियंता मौके पर नहीं पहुंचा। पंप कैनाल कटने से करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। डलमऊ पंप कैनाल में बुधवार देर शाम जलस्तर अचानक बढ़ने से सीएचसी के पास स्थित पुल के बगल में नहर की बाई पटरी कट गई। देखते ही देखते नहर में तेज बहाव होने से कटान ज्यादा हो गई।
इससे पास में स्थित कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल ध्वस्त हो गई और आसपास की इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटे बह गई। तेजी बहाव होने के कारण पानी मोहल्ला चौरासी में लोगों के घरों में पानी घुसने लगा। लोग रात तक अपनी छत पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार करते हैं। मकानों में पानी भरने से नींव धंस गई। इसके अलावा कई बीघे धान की बेड़न पानी भरने से बर्बाद हो गई।
मोहल्ला 84 निवासी हरीकृष्ण, रामविलास, अवधेश शुक्ला, शिव शंकर, भजन, रवि त्रिपाठी, दीनानाथ मौर्य ने बताया कि तेज बहाव का पानी घरों में घुस जाने के कारण घर का घरेलू सामान बह गया। कटान के बाद न कोई क्षेत्रीय अधिकारी न ही सिंचाई विभाग का कोई अभियंता मौके पर पहुंचा। इससे लोगों को भारी नाराजगी रही।
भाकियू के जिला महासचिव मनोज कुमार यादव, तहसील अध्यक्ष सुशील कुमार यादव ने एसडीएम सविता यादव को शिकायती पत्र सौंपकर डलमऊ पंप कैनाल में हुई कटान की जांच कराए जाने की मंाग की है। भाकियू नेताओं ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उफान के चलते कटान हो गई। किसान नेताओं ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
उधर, सिंचाई खंड छह के एक्सईएन एके सिंह ने बताया कि पंपों के संचालन में कोई कमी नहीं हुई है। जलस्तर बराबर था। पटरी डैमेज होने के चलते कटान हुई होगी। सिंचाई खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि डलमऊ पंप कैनाल में हुई कटान की जानकारी हुई है। जिसे बंधवाने के लिए टीम लगा दी गई है। जल्द ही पटरी की मरम्मत करा ली जाएगी। कटान कैसे हुई, इसकी भी जांच कराई जाएगी।