यूपी में पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में हड़ताल हुई तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी। क्योंकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अभियंताओं की व्यवस्था में कई रोड़े हैं। पहले सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने सहयोग से इन्कार कर दिया है। अब पालीटेक्निक संस्थानों ने भी इंजीनियरिंग के छात्रों की सूची देते हुए परीक्षा का हवाला दिया है। इन छात्रों की परीक्षा 20 दिसंबर से 13 जनवरी के बीच होनी है।
दरअसल, निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मी आक्रोशित हैं। ऐसे में पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पॉलिटेक्निक संस्थानों, आईआईटी कॉलेजों, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों को पत्र भेजकर अभियांत्रिक शाखा को तैयार करने को कहा है।
पॉलिटेक्निक संस्थान भी हाथ खड़े करने लगे हैं
दोनों निगमों से जुड़े 42 जिलों के डीएम भी अपने स्तर से संबंधित विभागों के साथ समन्वय का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत एकदम अलग है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। अन्य विभाग के अभियंता भी अब बिजली अभियंताओं को समर्थन पत्र जारी कर रहे हैं। इसी क्रम में पॉलिटेक्निक संस्थान भी हाथ खड़े करने लगे हैं।
पशोपेश में हैं जोन के अधीक्षण अभियंता
राजकीय पालिटेक्निक आजमगढ़ के प्रधानाचार्य ने अधीक्षण अभियंता को छात्रों की सूची भेज दी है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 20 दिसंबर से 13 जनवरी तक डिप्लोमा कोर्स करने वाले छात्रों की परीक्षा है। इसी तरह अन्य कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने सूची के साथ परीक्षा का भी हवाला दिया है। ऐसे में संबंधित जोन के अधीक्षण अभियंता पशोपेश में हैं।