संतों-महंतों का कहना था कि अयोध्या संस्कृति और संस्कृत की धरती है। भाजपा सरकार ने अयोध्या में दिखावे के अलावा कुछ नहीं किया। सपा सरकार में 24 कोसी यात्रा मार्ग में रोशनी की व्यवस्था की गई और भजन संध्या स्थल बनवाया गया। भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती रही है।
उन्होंने कहा, अखिलेश यादव के नेतृत्व में वर्ष 2022 में सरकार बनेगी तभी जनता को कष्टों से राहत मिलेगी। मौलानाओं ने कहा कि वे अखिलेश यादव का शुक्रिया अदा करने आए हैं। उनकी दुआ है कि अखिलेश फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठें। उन पर ही पूरी कौम को भरोसा है।
अखिलेश यादव ने महंतों और मौलानाओं के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुए कहा कि भाजपा राज में हर व्यक्ति परेशान और बेचैन है। मुल्क के हालात ठीक नहीं है। सीएए, एनपीआर, और एनआरसी समाज को बांटने और उत्पीड़न करने वाले कानून है। इनके विरुद्ध जनता की अहिंसक आवाज का भी दमन किया जा रहा है। नागरिकों के अस्तित्व को चुनौती मिल रही है। संविधान और देश बचाने के लिए सपा प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा है कि समाजवादी सरकार बनने पर भगवान श्रीराम की नगरी में मठ-मंदिर, मस्जिद-गुरुद्वारा, गिरजाघर और आश्रमों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। अखिलेश यादव ने अयोध्या धाम की पत्रिका ‘सवेरा एक संकल्प‘ का भी विमोचन किया। राजीव त्रिपाठी ने बताया कि यह पत्रिका पर्यावरण संरक्षण, पक्षी संरक्षण तथा वृक्षारोपण के लिए समर्पित है।
420 किमी साइकिल चलाकर आया नौजवान
एक सप्ताह तक 420 किमी साइकिल चलाकर लखनऊ पहुंचे बदायूं के गुन्नौर निवासी नौजवान अवधेश कुमार यादव ने अखिलेश यादव से भेंट की। अवधेश ने मार्ग में सपा के पक्ष में प्रचार भी किया।