प्रदेश में कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण के मद्देनजर महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित बालगृहों, संप्रेक्षण गृहों, महिला शरणालय समेत अन्य संस्थानों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी हर सप्ताह इसकी समीक्षा करेंगे। अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने इस बाबत सभी मंडलायुक्तों को आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक गर्भवती महिलाएं, यौन हिंसा व दुर्व्यवहार की शिकार महिलाओं व बच्चों की लिस्ट बनाएं और उन्हें पर्याप्त इलाज मुहैया कराया जाएगा।
आदेश के मुताबिक बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड के जरिये लगातार इन संस्थाओं में बच्चे आते हैं। ऐसे में बालगृह व शरणालयों को लगातार सैनिटाइज करना जरूरी है। विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों व महिलाओं का प्रवेश से पहले मेडिकल चेकअप कराया जाए। साथ ही 14 दिन क्वारंटीन किया जाए।
किसी संवास-संवासिनी में कोरोना की पुष्टि होने पर वहां सभी बच्चों व स्टाफ को क्वारंटीन किया जाए। वहीं, इन संस्थानों में बाहर से आने वाले स्टाफ की कोरोना टेस्ट निगेटिव होने पर ही ड्यूटी के लिए कहा जाए। बीमार होने पर उन्हें छुट्टी दी जाए। जिन बच्चों के घर-परिवार की जानकारी है, उन्हें घर भेजा जा सकता है तो तत्काल भेजें। पर, लगातार निगरानी करते रहें। वहीं, जिन्हें घर भेजने का आदेश हो चुका है, लेकिन एस्कोर्ट न मिलने से भेजा नहीं जा पा रहा है, उसे तत्काल भेजने का प्रबंध करें।