सामूहिक विवाह योजना और शादी अनुदान के बजट में 50 फीसदी की कटौती होगी। कोरोना संकट के चलते इस बाबत उच्च स्तर पर निर्णय किया जा चुका है। शीघ्र ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की कन्याओं की विवाह के लिए सामूहिक विवाह योजना और एकल शादी अनुदान योजना के तहत आर्थिक मदद देती है। सामूहिक विवाह योजना में प्रति लाभार्थी जोड़ा 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं।
इसमें 35 हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है, जबकि छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च आता है। यह योजना समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है। चालू वित्त वर्ष में इस मद में 250 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
इसी तरह एकल शादी अनुदान योजना के तहत गरीब कन्या की शादी के लिए 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। एकल शादी अनुदान योजना में इस वित्त वर्ष में अनुसूचित जाति के लिए 100 करोड़ रुपये, सामान्य व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 50-50 करोड़ और पिछड़े वर्ग के लिए 150 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया था। इस तरह सभी वर्गों के लिए इन दोनों मदों में 600 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया था।