गोसाईंगंज। शिवलर निवासी छात्र अभय राज अवस्थी (18) की हत्या नहीं हुई थी। उसने श्रमजीवी एक्सप्रेस के सामने कूदकर जान दी थी। पुलिस की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने ट्रेन के लोको पायलट और स्टेशन मास्टर से संपर्क कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जल्द अभय के दोस्तों के खिलाफ हत्या की धारा हटाई जाएगी।
इंस्पेक्टर दिलेश कुमार सिंह के मुताबिक मंगलवार रात 10:30 बजे अनूपगंज क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर अभय का शव मिला था। जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने बताया था कि अभय गांव के ही रहने वाले दोस्त हर्ष द्विवेदी के साथ बाइक से निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया। अभय के पिता रामगोपाल ने हर्ष, मानक नगर निवासी अभिषेक मिश्रा और खुर्दही बाजार के अन्नू शुक्ला व दो अज्ञात पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआए कराई थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना के समय श्रमजीवी एक्सप्रेस गुजरी थी। इसके लोको पायलट किशोरी लाल ने पुलिस को बताया अभय स्टेशन की तरफ से आ रहा था। ट्रेन के नजदीक आते ही वह अचानक ट्रैक पर आ गया और ट्रेन की ओर मुंह कर झुककर खड़ा हो गया था।
मेमो से मिला सुराग
अभय के परिजनों के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने वाली रेलवे पुलिस से घटना की जानकारी ली। पुलिस को पता चला कि अनूपगंज स्टेशन मास्टर विपिन कुमार ने हादसे की सूचना कंट्रोल रूम को दी थी। विपिन ने पुलिस को बताया कि रन ओवर के बाद लोको पायलट ने हादसे की सूचना (मेमो) स्टेशन पर दी, जिसके बाद पुलिस ने उससे संपर्क किया।