केंद्र सरकार का पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को आतंकवादी संगठन करार प्रतिबंधित करना उसके आकाओं को नागवार गुजरा है। इसकी धमक केरल से लेकर कई खाड़ी देशों तक हुई है। इससे उपजे आक्रोश को भुनाने के लिए पीएफआई के भूमिगत सदस्यों को एकजुट किया जा रहा था।
वाराणसी से एटीएस ने पीएफआई के सदस्य परवेज अहमद और रईस अहमद को गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया तो इससे जुड़े राज सामने आने लगे। बृहस्पतिवार को रिमांड पर लिए गये परवेज और रईस से उनके केरल कनेक्शन के बारे में एटीएस ने गहन पूछताछ की।
उन्होंने बताया कि केरल में आयोजित कार्यशाला में पी. कोया, कमाल केपी, रऊफ शरीफ आदि पीएफआई के बड़े पदाधिकारी शामिल होते थे। इस दौरान देश भर में मुसलमानों और दलितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती थी और इसके विरोध की रणनीति तैयार की जाती थी।
कार्यशाला के दौरान पी. कोया तुर्किए समेत तमाम खाड़ी देशों में अपने संपर्कों का हवाला देकर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर फंडिंग करने का भरोसा देता था। उन्होंने ये भी कबूला कि सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए उनको खासतौर पर केरल बुलाया गया था।