लखनऊ। सिविल कोर्ट परिसर में मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। अलग-अलग इलाकों में आवागमन से लेकर शौचालय तक की स्थिति दयनीय है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को पड़ताल की तो पता चला कि बहुखंडी भवन में पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है।
पेयजल की सुविधा न होने के कारण न केवल अधिवक्ताओं, बल्कि सुनवाई के लिए आए फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी के लिए लगाए गए वाटर कूलर के पास गंदगी की भरमार है। टोटी भी टूट चुकी है। ऐसा लग रहा है कि कूलर में पानी ही नहीं आता। इसकी वजह से बहुमंजिला बहुखंडी भवन में कर्मचारियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ता है। न्याय की आस में आए लोग पानी की बोतल खरीद कर पीते हैं। खास बात ये है कि बहुखंडी भवन की देखरेख करने वाले जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं देते। कई बार वकीलों ने वाटर कूलर ठीक कराने की मांग की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। अधिवक्ता या तो घर से पानी लेकर आते हैं या फिर उन्हें भी पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।