यूपी विधानसभा सभा का बजट सत्र सोमवार से प्रारंभ हो गया है। सत्र के पहले ही दिन सपा ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि महाकुंभ के नाम पर भाजपा ने लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। शास्त्रों में 144 साल बाद महाकुंभ का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है। ये लोग सनातन धर्म का दिखावा करके लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। सरकारी पैसे का दुरुपयोग पीआर के लिए किया गया है। ऐसी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
हंगामेदार रही बजट सत्र की शुरुआत
वहीं, बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सत्र के प्रारंभ अपने अभिभाषण को पूरा नहीं पढ़ सकीं। उनके अभिभाषण के दौरान विपक्ष के लोग राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाते रहे। सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इस व्यवहार की निंदा की। यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष का रवैया बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना है। इनका काम विरोध करना है, ये हर बात में नेगेटिव सोचते हैं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्ष का आचरण गैर-जिम्मेदाराना है। राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से प्रदेश में जो सरकार काम कर रही है उसकी जानकारी दी जाती है। समाजवादी पार्टी का आचरण सदा ऐसा ही रहा है कि वे महामहिम राज्यपाल का आदर करने के बजाय हल्लाबोल करते हैं... समाजवादी पार्टी ने यह दिखा दिया कि वे एक जिम्मेदार राजनीतिक दल कम और अराजकता फैलाने वाला दल ज्यादा है।