अमेठी के विकास के सभी दावे खोखले हैं, वहां के लोग त्रस्त हैं। मैं लंबे समय से अमेठी के लोगों की सेवा करने की सोच रहा था। लेकिन कांग्रेस में रहते यह संभव नहीं था।
ये बातें भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अनंत विक्रम सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि भाजपा एक निश्चित विचारधारा पर चलने वाला दल है। यहां सामूहिकता के साथ ही कार्यकर्ता को भी तवज्जो दी जाती है। इसी कारण भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
पार्टी का जो निर्देश होगा उसके अनुसार काम करूंगा। हमेशा से चुनौतियों का सामना किया हूं, अभी भी हर चुनौती को स्वीकार करने को तैयार हूं।
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि अनंत व उनके समर्थकों के भाजपा में आने से अमेठी और उसके आसपास के क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
पिताजी अपना काम करेंगे और मैं अपना
आपके पिता संजय सिंह कांग्रेस में हैं और आपने भाजपा का दामन थाम लिया। एक घर में यह कैसे चलेगा के सवाल के जवाब में अनंत विक्रम सिंह ने कहा- पिताजी अपना काम करेंगे और मैं अपना। उनसे हमारा कोई मुकाबला नहीं। वह महराज हैं, वह राष्ट्रीय राजनीति में हैं। हमें तो प्रदेश की राजनीति करनी है।
न मां माना था, न मानूंगा: अमिता सिंह के बारे में सवाल पर अनंत विक्रम ने कहा कि उन्हें न मां माना था और न ही कभी मानूंगा। उन्हें मां का दर्जा नहीं दिया जा सकता। सैय्यद मोदी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच नहीं हुई थी। अगर निष्पक्ष जांच होती तो असली गुनहगार सबके सामने होते।
इन लोगों ने भी ली भाजपा की सदस्यता: अनंत विक्रम के अलावा बसपा के विधायक रहे भगवान पाठक और हमीरपुर के राजीव शुक्ल भी अपने समर्थकों के साथ रविवार को ही भाजपा में शामिल हो गए।
मीडिया पर भड़क गए अनंत के पिता संजय सिंह
राजधानी में रविवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने आए डॉ. संजय सिंह से जब उनके बेटे अनंत विक्रम सिंह के भाजपा में शामिल होने संबंधी सवाल पूछा गया तो वह बुरी तरह से खिसिया गए।
उन्होंने मीडियाकर्मियों पर झल्लाते हुए कहा, ‘आप भाजपा की ओर से सवाल कर रहे हैं।’ जब पत्रकारों ने कहा कि अनंत ने सार्वजनिक घोषणा करते हुए भाजपा की सदस्यता ली है। तो डॉ. सिंह ‘मुझे कुछ नहीं कहना’ बोलते हुए आगे बढ़ गए।