आरोप है कि योगेंद्र को आरोपी बहन आसमा, भाई गुड्डू व कुछ अन्य अज्ञात लोगों ने आग लगाने के लिए उकसाया था। योगेंद्र 10 सितंबर की दोपहर 3:30 बजे समाजवादी पार्टी दफ्तर के सामने पहुंचे थे। उन्होंने अचानक खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। योगेंद्र ने पुलिस को बताया था कि उनके मोहल्ले के रहने वाले तीन सगे भाई दानिश, वसीम व नाजिम सट्टेबाजी करते हैं। तीनों ने उनसे छह लाख रुपये उधार लिए थे। रकम वापस मांगने पर तीनों गाली-गलौज करते हैं। योगेंद्र ने अलीगढ़ पुलिस से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्मदाह का कदम उठाया था।
पुलिस का कहना है कि 26 साल पहले योगेंद्र को आसमां और गुड्डू की मां नूर बानो ने गोद लिया था। योगेंद्र नूर बानो की सहेली के बेटे थे। आसमां और गुड्डू के उकसाने पर योगेंद्र ने खुद को आग लगाई थी। इंस्पेक्टर गौतमपल्ली रत्नेश सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। योगेंद्र अविवाहित थे। उनका एक भाई मनोज है। पिता ने बताया कि 15 साल से उनका बेटे से कोई संबंध नहीं था।