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अंबेडकरनगर: पति की मौत के सदमे में पत्नी ने भी तोड़ा दम, मचा कोहराम, एक ही चिता पर दी गई मुखाग्नि

Tue, 18 Mar 2025 09:33 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगर

सार

राजेसुल्तानपुर के केदरुपुर गांव में एक बुजुर्ग पिता ने अपने बेटे और बहू को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी। पुत्र की मौत हार्ट अटैक से हुई तो बहू की सदमे से मौत हो गई।
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मृतक पत्नी व पति। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजेसुल्तानपुर के केदरुपुर गांव में पति की मौत के सदमे में पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। जीवन भर साथ निभाने का वादा करने वाले दंपती की अर्थी एक साथ उठी और एक चिता पर दोनों पंचतत्व में विलीन हो गए।

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केदरुपुर गांव निवासी त्रियुगी नारायण पाठक के पुत्र मनोज पाठक (37) सपरिवार दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। होली में मनोज पाठक बच्चों और पत्नी को दिल्ली में छोड़ कर घर आए थे। रविवार की रात में अचानक मनोज को हार्टअटैक आ गया, जिससे उनकी घर पर ही मौत हो गई। परिवार के लोगों ने दिल्ली उनकी पत्नी को मनोज की तबीयत खराब होने की सूचना दी। पत्नी गुंजन पाठक पुत्री राशि (13) और पुत्र सार्थक (4) वर्ष के साथ सोमवार की शाम यहां पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई।

मंगलवार को जब मनोज पाठक के शव को दाह संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, तभी गुंजन पाठक अपने पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और पछाड़ खा कर गिर गई। लोग कुछ समझ पाते तब तक गुंजन की भी मौत हो चुकी थी। पति की मौत के सदमे से पत्नी की भी मौत होने से हर कोई स्तब्ध और गमगीन हो गया। मृतक वरिष्ठ सपा नेता बालगोविंद त्रिपाठी के रिश्ते में साढ़ू थे। घटना से केदरुपुर गांव में मातम पसरा हुआ है।
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बाद में पति-पत्नी की अर्थी एक साथ उठाई गई और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार कम्हरिया घाट पर किया गया। बुजुर्ग पिता ने मुखाग्नि दी। पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, पूर्व विधायक अनीता कमल, पूर्व जिलाध्यक्ष यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, योगेंद्र नाथ त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और शोक संवेदना व्यक्त की।

मासूमों के सिर से उठा माता पिता का साया
पहले मनोज और फिर उनकी पत्नी गुंजन पाठक के निधन से हर तरफ गम का माहौल है। बेटी अपने माता पिता को याद करके के रो रही है और भाई सार्थक अभी भी अपने माता पिता के वापस लौटने का इंतजार कर रहा है। वह बार बार परिजनों से मम्मी पापा कब आएंगे पूछ रहा है, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सब नम आंखों के साथ बच्चों को सांत्वना देने में जुटे हैं। मृतक के परिवार में एक छोटा भाई सुब्बू पाठक व उसका परिवार है।

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