लखनऊ। एलडीए की 50 साल पुरानी कालोनियों में 2000 वर्ग मीटर का प्लाॅट जितनी चौड़ी सड़क पर होगा, उसमें उतने ही ज्यादा फ्लैट बन सकेंगे। साथ ही लोग दो प्लाॅट को भी जोड़कर अपार्टमेंट बना सकेंगे। बुधवार को एलडीए बोर्ड ने प्रस्ताव पास कर पुरानी कॉलोनियों में 12 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित 2000 वर्गमीटर के प्लाॅट पर ग्रुप हाउसिंग (अपार्टमेंट) बनाने की मंजूरी दी है।
एलडीए बोर्ड से पास हुए प्रस्ताव में निर्माण को लेकर 1.5 प्रतिशत एफएआर (फ्लोर एरिया अनुपात) दिया गया है। इसका मतलब है कि तय मानकों के तहत 20 प्रतिशत जमीन पर निर्माण किया जाएगा तो सात मंजिल तक काम हो सकेगा। यह एफएआर 12 मीटर चौड़ी सड़क के लिए है। यदि प्लाॅट 18 मीटर, 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित है तो एफएआर 1.5 से बढ़कर 2.25 तक बढ़ जाएगा और 11 मंजिल तक अपार्टमेंट बनाया जा सकेगा। ऐसे में बनने वाले फ्लैटों की संख्या बढ़ जाएगी। इसका फायदा शहर के अंदर ही आशियाने की तलाश करने करने वालों को मिलेगा।
12 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क होने पर इस तरह बढ़ेंगी मंजिल
एक जानकार नगर नियोजक ने बताया कि प्लाॅट 18 मीटर से अधिक और 24 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर है तो एफएआर 02 हो जाएगा। इसका मतलब है कि 10 मंजिल तक निर्माण हो सकेगा। यदि प्लाॅट 24 मीटर या उससे से अधिक चौड़ी सड़क पर है तो एफएआर 2.25 हो जाएगा यानि 11 मंजिल तक निर्माण किया जा सकेगा।
दो प्लाट जोड़कर भी बना सकेंगे अपार्टमेंट
जिनके पास 2000 वर्ग मीटर का एक प्लाॅट नहीं है मगर पास के प्लाॅट को जोड़कर उनका प्लाट 2000 वर्ग मीटर हो जाता है तो वे लोग भी नए नियम के तहत अपनी जमीन पर अपार्टमेंट बना सकेंगे। दो प्लाॅट को जोड़कर निर्माण करने की अनुमति एलडीए देगा। इसके लिए बिल्डर को दो प्लाॅट को एक करने के लिए एलडीए में आवेदन कर अनुमति लेनी होगी।
नए नियम से यह भी होगा फायदा
- अभी शहर में एकल आवासीय प्लाॅटों पर करीब एक हजार अपार्टमेंट पूर शहर में बने होंगे। इनमें ज्यादातर अवैध हैं उनका मानचित्र एलडीए से पास नहीं है। इसके बाद भी बहुत से लोगों ने जरूरत को देखते हुए खरीद रखा है। अब नए नियम के बाद लोगों के अवैध अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने की मजबूरी नहीं रहेगी।
- वैध अपार्टमेंट में फ्लैट होने से खरीदार को आसानी से बैंक से ऋण भी मिल जाएगा।
- छोटे बिल्डर बढ़ने से खरीदारों के बीच कंप्टीशन भी बढ़ेगा और लोगों को सस्ते फ्लैट मिल सकेंगे। इसका असर उन बड़े बिल्डरों पर भी पड़ेगा जो अभी महंगे फ्लैट बेच रहे हैं।
- शहर के अंदर मल्टी स्टोरी बनने से कृषि योग्य जमीन भी बचेगी।
पुरानी काॅलोनियों में ग्रुप हाउसिंग के नए प्रस्ताव से शहर में आवास की समस्या कम होगी। लोगों को शहर के अंदर ही फ्लैट मिल सकेंगे। दो प्लाॅट मिलाकर 2000 वर्ग मीटर जमीन जुटा लेंगे वह भी अपार्टमेंट बना सकेंगे।
प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए