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राज्यपाल ने छेड़ी संविधान निर्माता के नाम पर नई बहस, बाबा साहेब के नाम में 'राम' का भी जिक्र

Thu, 07 Dec 2017 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
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राज्यपाल राम नाईक ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है। राज्यपाल ने कहा कि बाबा साहब का नाम भीमराव रामजी आंबेडकर था। उन्होंने आगरा में अंबेडकर विश्वविद्यालय के लिखे नाम को लेकर आपत्ति जाहिर की।
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राज्यपाल ने कहा कि संविधान में बाबा साहब ने पेज नंबर 254 पेज पर अपने हस्ताक्षर किए हैं जिसमें उन्होंने भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा है। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में बाबा साहब के संघर्ष को समझ पाना भी कठिन है।
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छुट्टियां नहीं महापुरुषों के नाम पर चर्चा हो

सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महापुरुषों के जन्मदिन या परिनिर्वाण दिवस की छुट्टियां खत्म करने पर राजनीति नहीं, बल्कि महापुरुषों के बारे में चर्चा होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को यहां अंबेडकर महासभा में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही हर कार्यालय में अंबेडकर की तस्वीर होगी और पाठ्यक्रम में भी उनके कार्यों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छुआछूत की कुरीति के कारण समाज में भेदभाव पैदा हुआ जो बाबा साहब को भी भुगतना पड़ा। उन्होंने सामाजिक बुराइयों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया।

लेकिन बाबा साहब ने अपने साथ हुए व्यवहार की छाया संविधान पर नहीं पड़ने दी। उन्होंने दलितों व वंचितों को कुरीतियों से निकालने के लिए शिक्षा पर जोर दिया। योगी ने कहा कि 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार डॉ. अंबेडकर से जुड़े स्थलों को महत्व दिया गया।

इंग्लैंड में जिस स्थान पर अंबेडकर ने रहकर शिक्षा हासिल की उसे पहचान दिलाई गई। मध्यप्रदेश में उनके जन्मस्थल, दिल्ली में अंबेडकर भवन व नागपुर व मुम्बई में अंबेडकर से जुड़ी यादों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर सरकारी कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाएगी। साथ ही पाठ्यक्रमों में भी डॉ. अंबेडकर से जुड़ी जानकारी शामिल की जाएगी ताकि बच्चों को उनके बारे में जानकारी हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टैंडअप योजना के तहत प्रत्येक बैंक की शाखा को कम से कम एक दलित को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। इससे प्रदेश में हर वर्ष 35 हजार उद्यमियों को फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा समाप्त करने के लिए सरकार काम कर रही है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति पहुंच रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने अंबेडकर महासभा परिसर पहुंचकर गौतम बुद्घ की प्रतिमा पर माल्यार्पण और डॉ. अंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने परिसर में ही स्थापित अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तीकरण केंद्र का उद्घाटन भी किया। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल ने भी विचार रखे। 
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