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राम रहीम केस से यूपी सरकार ने लिया सबक, खाली कराएगी इस आश्रम की जमीन

Thu, 07 Sep 2017 12:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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Ram Rahim Verdict
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मथुरा में जवाहर बाग से रामवृक्ष के अवैध कब्जे को हटाने के दौरान मिले गहरे जख्म और हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ कार्रवाई के बाद हिंसा से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने मथुरा में जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के कब्जे वाली जमीन को खाली कराने के लिए एक्शन प्लान को मंजूरी दे दी है।
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शासन ने मथुरा के डीएम को हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक संस्था को नोटिस देकर कब्जा हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने का फरमान सुना दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मथुरा में यूपीएसआईडीसी की जमीन पर जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के कब्जे के संबंध में गत 28 अगस्त को निर्णय दिया था।

इसमें मुख्य सचिव को हस्तक्षेप कर कार्रवाई कराने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि बाबा जय गुरुदेव आश्रम ट्रस्ट को एक सप्ताह का नोटिस देते हुए पूछा जाए कि वह किस अधिकार के तहत यूपीएसआईडीसी की जमीन पर कब्जा किए हुए है।

ट्रस्ट यदि कोई स्पष्टीकरण देता है तो उस पर विचार करके कब्जे के अधिकार पर समुचित आदेश पारित किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट के निर्णय के क्रम में उच्च स्तरीय मीटिंग कर कब्जा खाली कराने का एक्शन प्लान तैयार कराया।

गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को इस संबंध में हुई उच्चस्तरीय बैठक में शासन के साथ ही मथुरा जिला प्रशासन व यूपीएसआईडीसी के अधिकारी शामिल हुए।
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जिलाधिकारी मथुरा को निर्देशित किया गया है कि वे हाईकोर्ट के निर्णय के मुताबिक जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था को नोटिस जारी करते हुए कब्जा के अधिकार के संबंध में उचित आदेश पारित करें।

वहीं, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को निर्देशित किया गया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस बल सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।

इसके लिए अपर पुलिस महानिदेशक आगरा अजय आनंद को नोडल अधिकारी नामित किया गया। मुख्य सचिव ने यूपीएसआईडीसी के एमडी से इस मामले में विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की आख्या तलब की है।
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एमडी यूपीएसआईडीसी को निर्देश

मथुरा जिला प्रशासन की मांग पर आवश्यक मशीनरी व संसाधनों की व्यवस्था कराएं। खाली कराई गई जमीन की समुचित सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल आदि बनाने की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

पार्क-पी1 से पी-5 के जिन भूखंडों पर किसी न्यायालय द्वारा पारित निषेधाज्ञा अथवा स्थगनादेश लागू है, उनके संबंध में हाईकोर्ट के 28 अगस्त के फैसले को संबंधित न्यायालय के संज्ञान में लाया जाए और प्रश्नगत निषेधाज्ञा व स्थगनादेश को खत्म कराने की प्रार्थना की जाए।

जिन भूखंडों पर कोई स्थगनादेश व निषेधाज्ञा नहीं है, उनमें न्यायालय के आदेश के मुताबिक कार्रवाई की जाए।

भूखंड संख्या पी-3 पर अवैध रूप से विद्यालय संचालित होना बताया गया है। इस भूखंड को खाली कराने की कार्रवाई की जाए और वहां के छात्रों को अन्य विद्यालयों में समायोजित किया जाए। छात्रों को समायोजित करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा को निर्देशित किया गया है।

भूखंड संख्या-पी-1 में सीईटीपी स्थापित है। इसे पर्यावरण की दृष्टि से आवश्यक मानते हुए इसकी जानकारी हाईकोर्ट को देकर उचित आदेश प्राप्त करने को कहा गया है। इसके अलावा खाली कराई गई भूमि में पार्क की व्यवस्था के विकल्प को भी हाईकोर्ट के संज्ञान में लाकर समुचित आदेश प्राप्त करने को कहा गया। 
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