लखनऊ। मड़ियांव में 18 मार्च की रात मौसा ने किशोरी से दुष्कर्म के बाद उसे गोमती नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी बरेली निवासी मौसा को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर में हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि आरोपी ने अपना अपराध कबूल लिया है। 18 मार्च की रात करीब आठ बजे वह खुद को बंगाली डॉक्टर के पास दिखाने की बात कहकर 17 वर्षीय किशोरी को साथ लेकर गया था। पीपा पुल के पास नदी से 50 मीटर दूर उसने दुष्कर्म किया। किशोरी ने शिकायत की धमकी दी, जिस पर आरोपी ने उसे नदी में धक्का दे दिया। तैरना न जानने के कारण किशोरी की डूबकर मौत हो गई।
आरोपी ने बताया कि खुद को बचाने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी रची। उसने पहले किशोरी के खुद नदी में कूदने का दावा किया। सख्ती से पूछताछ पर उसने दुष्कर्म और हत्या करने की बात कबूल ली।
कई बार कर चुका था गलत काम करने का प्रयास
किशोरी के भाई ने बताया कि आरोपी मौसा की बहन पर शुरू से ही गंदी नजर थी। वह पहले भी कई बार गलत काम करने का प्रयास कर चुका था। परिवार ने विरोध किया था, जिस पर आरोपी ने माफी मांगी थी। मौसा होने के कारण घरवालों ने उसे माफ कर दिया। घटना के दिन भी किशोरी आरोपी के साथ नहीं जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी उसे जबरन ले गया।