लखनऊ। मोहनलालगंज में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के पर्दाफाश के मामले में पुलिस ने छानबीन तेज कर दी है। सोमवार को कई इलाकों में ग्रामीणों से पूछताछ की गई। पुलिस की एक टीम सादे कपड़ों में कई गांवों में सक्रिय रही। पड़ताल में सामने आया है कि सरगना डेनियल ने धर्मांतरण कराने के बाद स्थानीय लोगों को गरीब परिवारों को चिह्नित करने का काम दिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों चंद्रभान, उसकी पत्नी आरती, सीमा, अजय रावत और शीला को प्रति माह वेतन दिए जाने की बात भी पता चली है।
जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2022 में निगोहां थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें महिला समेत तीन लोगों पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया गया था। नाम न लिखने की शर्त पर शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस ने तब सैदापुर और आसपास के कई इलाकों में छापा मारा था। इस पर गिरोह शांत हो गया था। हालांकि, एक बार फिर इलाके में गिरोह से जुड़े लोग सक्रिय हो गए हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन में आरोपियों के खाते में छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर हुई है। पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों को नकद में तो रकम नहीं मिलती थी। गिरोह का सरगना व पास्टर डेनियल हर महीने तमिलनाडु जाता था। उसे गरीब तबके के लोगों की पहचान कर पहले उनकी मदद करने और फिर उनका धर्मांतरण कराने के निर्देश मिले थे।
नकद फंडिंग की बात आई सामने
पूछताछ में डेनियल ने केरल व कन्याकुमारी से नकद फंडिंग की बात भी पुलिस को बताई है। पुलिस गिरोह में शामिल लोगों का पता लगा रही है। माना जा रहा है कि एफआईआर में कुछ अन्य लोगों के नाम भी बढ़ाए जाएंगे। एडीसीपी साउथ वसंथ रल्लापल्ली का कहना है कि मामले में छानबीन जारी है। कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बैंक खातों का ब्योरा मंगाया गया है, जिसके अध्ययन के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने आरोपियों की व्हाट्सएप चैट भी खंगाली है।