लखनऊ। अशफाक उल्ला खां की वतनपरस्ती और उनके जज्बे की कहानी रविवार को कैफी आजमी अकादमी में आयोजित दास्तानगोई में उभरकर सामने आई। दास्तानगो शहजाद रिजवी और फरजाना महदी ने बड़े खूबसूरत अंदाज में अशफाक के जीवन के अहम पहलुओं को अपने लफ्जों में पिरोकर पेश किया।
निशातगंज में पेपर मिल कॉलोनी स्थित कैफी आजमी अकादमी में इप्टा की ओर से इस दास्तानगोई का आयोजन किया गया। दास्तानगो शहजाद रिजवी और फरजाना महदी ने ब्रिटिश हुकूमत के जुल्मों को बयां किया तो वहीं शाहजहांपुर की धरती के लाल अशफाक की देशभक्ति के जज्बे को बड़े करीने से पेश किया। उनकी दास्तान में काकोरी ट्रेन एक्शन की गूंज भी सुनाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी, दीपक कबीर, नदीम आदि की मौजूदगी रही।