फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ISI का शातिर मोहरा है पकड़ा गया आफताब, पूछताछ में एटीएस को भी घुमाता रहा

Thu, 04 May 2017 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
विज्ञापन
गिरफ्तार आईएसआई एजेंट आफताब - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपी नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी युवक आफताब से पूछताछ और लैपटॉप समेत मोबाइल आदि की जांच से कई अहम सुराग सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन


एटीएस के एएसपी और मिलेट्री इंटेलिजेंस इसे बड़ी कामयाबी बता रही है। जांच में सामने आया है कि वह तीन बार पाकिस्तान जा चुका था और लगातार पाक दूतावास के संपर्क में था। उसके बैंक खाते में वर्ष 2014 से बड़ी रकम ट्रांसफर हुई है।

एटीएस टीम लैपटॉप व मोबाइल में छिपे तमाम अन्य राज को खंगालने की कवायद में जुट गई है। आरोपी को लेकर देर शाम एटीएस लखनऊ रवाना हो गई है।

खुफिया जानकारी के आधार पर यहां पहुंची एटीएस की टीम ने मिलेट्री इंटेलीजेंस व खुफिया दस्ते की मदद से जैसे ही नगर कोतवाली से चंद कदम दूर स्थित ख्वासपुरा के कंघी वाली गली में उतरी हड़कंप मच गया।
विज्ञापन

हिरासत में लेने के बाद घंटों हुई उसके घर की तलाशी

मोहल्ला निवासी दिव्यांग आफताब अली पुत्र वाजिब अली को कब्जे में ले लिया गया। इसके बाद उसके घर की गहराई छानबीन शुरू हुई।

एटीएस के एएसपी राजेश साहनी टीम को लीड कर रहे थे, उनके साथ इंस्पेक्टर केके राय, उपनिरीक्षक संजय सिंह, सुरेश गिरी, सुनील सिंह, विनोद शर्मा समेत कमांडो दस्ते की टीम ने घर को घेर लिया। सबसे पहले मोहल्ले के ही एक युवक को पकड़ा गया, उसके बताने पर टीम आफताब के घर तक पहुंची।

आफताब को हिरासत में लेने के बाद टीम ने घंटों उसके घर की तलाशी ली। उससे परिवारीजनों से पूछताछ की। तलाशी में घर से एक लैपटॉप व आफताब की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल बरामद किया।

पहले से प्राप्त इनपुट के आधार पर आरोपी व उसके परिवार से वर्ष 2014 में आफताब की ओर से तीन बार पाकिस्तान यात्रा और वहां हासिल प्रशिक्षण के बारे में क्रॉस वेरीफिकेशन किया।

आफताब की ओर से समय-समय पर विभिन्न नंबरों से पाक दूतावास से संपर्क व दूतावास में बैठे उसके संपर्कों के बाबत सवाल पूछे। कुछ सवालों का उसने जवाब दिया तो कुछ में घुमाता रहा। मोबाइल में कैद छावनी क्षेत्र के नक्शे आदि के बारे में भी उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जिसके चलते शाम को एटीएम टीम उसको लेकर लखनऊ रवाना हो गई।

मिल रहे हैं पुख्ता सबूत

टीम उसके पास से बरामद लैपटॉप व मोबाइल भी साथ ले गई है। टीम को लीड कर रहे एटीएस के एएसपी राजेश साहनी के मुताबिक आफताब आईएसआई के इशारे पर काम करता था, इसके पुख्ता सबूत मिले हैं।

आर्मी इंटेलिजेंस के सूत्रों का कहना है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई से उसे लगातार फंडिग के सबूत मिले हैं। उसके खाते में 2014 से लगातार बड़ी रकम भेजी गई है।

चर्चाओं का बाजार गर्म
ख्वासपुरा स्थित कंघी वाली गली से कथित आईएसआई एंजेंट की गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में हलचल है। परिवार के लोग सदमे में हैं तो मोहल्ले से लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।

आरोपी के पिता वाजिद अली प्रकरण पर सवाल से बचते नजर आये। परिवार के लोग भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। मोहल्ले को लोगों का कहना है आफताब दिखने में बेहद शरीफ था, उससे ऐसी उम्मीद नहीं थी कि पाक के इशारे पर काम करता हो।

जासूसी को भारतीय युवकों का ही इस्तेमाल कर रहा है पाकिस्तान

- फोटो : amar ujala
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जासूसी के लिए भारतीय युवकों का ही इस्तेमाल कर रहा है। आफताब की गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने सितंबर 2016 को बबीना, झांसी से दिल्ली के कमला मार्केट निवासी एजाज खान को गिरफ्तार किया था।

उसने दुबई में आईएसआई की ट्रेनिंग ली थी। वह आईएसआई के अन्य एजेंटों को फंड मुहैय्या कराता था। उस पर आरोप था कि उसने बबीना में रहते हुए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को पहुंचाई थी।

एटीएस ने इससे भी पहले अगस्त में सेना की जासूसी के आरोप में लखनऊ आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया था। जबकि दिल्ली पुलिस ने 29 अक्तूबर 2016 को सपा से राज्यसभा सांसद व मध्य प्रदेश के विदिशा के रहने वाले मुनव्वर समील के पीए फरहत को जासूसी के आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

पाक में शादी करने के बाद परिवार से मिलने आता-जाता था

डेमो पिक
वहीं, अगस्त 2014 में एटीएस ने मेरठ से आईएसआई के एजेंट आसिफ अली को गिरफ्तार किया था। अली भारतीय सेना की जासूसी करके आईएसआई को महत्वपूर्ण सूचनाएं देता था।

उसने पाकिस्तान में शादी की थी और परिवार व बच्चों से मिलने के लिए अकसर पाकिस्तान आते-जाते रहते था। इसी दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया था। गिरफ्तार किए गए सभी युवक भारतीय नागरिक हैं।

ऐसे फंसाया जाता है भारतीय युवकों को
आईएसआई उन भारतीय युवकों पर खास नजर रखता है, जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं या उनका अकसर पाकिस्तान आना-जाना रहता है। बाद में इन्हीं युवकों को बरगला कर भारत में जासूसी कराया जाता है। बदले में भारत में ही पेमेंट किया जाता है।

यूपी पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों का पाकिस्तान आना-जाना लगा रहता है, उन्हें पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी जाती है। जबकि जो पाकिस्तान नहीं जाना चाहते हैं, उन्हें खाड़ी के देशों में ट्रेंड किया जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें